1) जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो 2) इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म 3) तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं. 4) अपने वो नहीं होते जो तस्वीरों में साथ खड़े होते हैं, अपने वो होते हैं जो तकलीफ में साथ होते हैं 5) अपने फ़ायदे के लिए दूसरे का नुकसान कभी नहीं करे 6) प्रॉब्लम सब के लिए एक जैसी हैं सिर्फ Attitude ही उसे अलग बनाता हैं 7) अगर सफल होना हैं तो गुस्सा, बेइज्जती, अपमान बहुत जरूरी हैं
महात्मा गांधी जी को भारत का राष्ट्रपिता भी कहा जाता है। देश को स्वतंत्रता दिलवाने में महात्मा गांधी की विशेष भूमिका रही है। गांधी जी के पिता का नाम करमचंद गांधी था जो कि राजकोट के दीवान थे और इनकी माता का नाम पुतलीबाई था। गांधी जी ने स्वतंत्रता के लिए हमेशा सत्य और अहिंसा का मार्ग चुना और कई आंदोलन किए। 30 जनवरी को गांधी जी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसलिए हर वर्ष भारत में 30 जनवरी को शहीद दिवस (Martyr's Day) मनाया जाता है। गांधी जी की मातृ-भाषा गुजराती थी। गांधी जी ने अल्फ्रेड हाई स्कूल, राजकोट से पढ़ाई की थी। गांधी जी का जन्मदिन 2 अक्टूबर अंतरराष्ट्रीय अंहिसा दिवस के रूप मे विश्वभर में मनाया जाता है। वह अपने माता-पिता के सबसे छोटी संतान थे उनके दो भाई और एक बहन थी। गांधी जी के पिता धार्मिक रूप से हिंदू तथा जाति से मोध बनिया थे। माधव देसाई, गांधी जी के निजी सचिव थे। गांधी जी की हत्या बिरला भवन के बगीचे में हुई थी। गांधी जी और प्रसिध्द लेखक लियो टोलस्टोय के बीच लगातार पत्र व्यवहार होता था। गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह संघर्ष के दोरान , जोहांसबर्ग से 2...
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