1) जिंदगी में कुछ करना और कुछ बनना हैं, तो अकेले रहने की आदत डालो 2) इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म 3) तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं. 4) अपने वो नहीं होते जो तस्वीरों में साथ खड़े होते हैं, अपने वो होते हैं जो तकलीफ में साथ होते हैं 5) अपने फ़ायदे के लिए दूसरे का नुकसान कभी नहीं करे 6) प्रॉब्लम सब के लिए एक जैसी हैं सिर्फ Attitude ही उसे अलग बनाता हैं 7) अगर सफल होना हैं तो गुस्सा, बेइज्जती, अपमान बहुत जरूरी हैं
सरदार वल्लभभाई पटेल जन्म 31 अक्टूबर 1875 नडियाद , बंबई प्रेसीडेंसी , ब्रिटिश भारत मृत्यु 15 दिसम्बर 1950 (उम्र 75) बॉम्बे , बॉम्बे राज्य , भारत राष्ट्रीयता भारतीय राजनीतिक दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बच्चे मणिबेन पटेल , दह्याभाई पटेल शैक्षिक सम्बद्धता मिडल टेम्पल पेशा वकालत, राजनीति गृह मंत्रालय पद बहाल 15 अगस्त 1947 – 15 दिसम्बर 1950 प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु पूर्वा धिकारी पद सृजन उत्तरा धिकारी चक्रवर्ती राजगोपालाचारी भारत के उप-प्रधानमंत्री पद बहाल 15 अगस्त 1947 – 15 दिसम्बर 1950 प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु पूर्वा धिकारी पद सृजन उत्तरा धिकारी मोरारजी देसाई वल्लभभाई झावेरभाई पटेल (३१ अक्टूबर १८७५ – १५ दिसंबर १९५०), जो सरदार पटेल के नाम से लोकप्रिय थे, एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वे एक भारतीय अधिवक्ता और राजनेता थे, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और भारतीय गणराज्य के संस्थापक पिता थे जिन्होंने स्वतंत्रता...
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